उर्दू अदब विला
UrduAdabVila.com
HI
🇮🇳 اردو
🇮🇳 हिंदी
🇬🇧 English
🔍
लॉगिन
रजिस्टर
👤
🔍
🔍
اردو ادب ولا
✕
लॉगिन
रजिस्टर
🏠
होम
📖
शायरी
▾
📋 सारी शायरी
हम्द
नात
मनक़बत
ग़ज़ल
सलाम
नौहा
नज़्म
रुबाई
क़िता
मर्सिया
व्यंग्य व हास्य
अन्य शायरी
देशभक्ति
गीत
दोहा
हाइकू
कजरी
विविध
बच्चों का कोना
✍️ अपलोड
📝
गद्य
▾
📋 सारा गद्य
कहानी (अफ़साना)
उपन्यास
लघुकथा
लेख
नाटक
कर्बला नामा
गद्य कविता
समीक्षा
व्यंग्य गद्य
आलोचना
कहानी
आत्मकथा
रेखाचित्र
संकलन
अन्य गद्य
यात्रावृत्तांत
मिर्ज़ा ग़ालिब
निबंध
स्वलिखित
रिपोर्ताज
विविध
बाल साहित्य
✍️ अपलोड
📚
पुस्तकालय
▾
📋 सारी किताबें
शायरी की किताबें
धार्मिक किताबें
गद्य की किताबें
ऐतिहासिक किताबें
उपन्यास
अन्य किताबें
✍️
शायर
📖
दीवान
✨
सनाअत
📖
साहित्यिक समीक्षा
🎓
शिक्षा
🛠️
उपकरण
▾
📖 शब्दकोश
🎵 तक़्तीअ
🔤 क़ाफ़िया
⛓ शायरी चेन
⚡ फ़िल बदीहा
🔍 लफ़्ज़ से
✨
विशेष
▾
🏆 हफ़्ते का
💎 उद्धरण
🌅 आज-कल
🌸 बच्चों का
📝 क्विज़
🎮 खेल
👑
सम्मान
🏠 होम
📖 शायरी
▾
📋 सभी
हम्द
नात
मनक़बत
ग़ज़ल
सलाम
नौहा
नज़्म
रुबाई
क़िता
मर्सिया
व्यंग्य व हास्य
अन्य शायरी
देशभक्ति
गीत
दोहा
हाइकू
कजरी
विविध
बच्चों का कोना
✍️ अपलोड
📝 गद्य
▾
📋 सभी
कहानी (अफ़साना)
उपन्यास
लघुकथा
लेख
नाटक
कर्बला नामा
गद्य कविता
समीक्षा
व्यंग्य गद्य
आलोचना
कहानी
आत्मकथा
रेखाचित्र
संकलन
अन्य गद्य
यात्रावृत्तांत
मिर्ज़ा ग़ालिब
निबंध
स्वलिखित
रिपोर्ताज
विविध
बाल साहित्य
✍️ अपलोड
📚 पुस्तकालय
▾
📋 सभी
शायरी की किताबें
धार्मिक किताबें
गद्य की किताबें
ऐतिहासिक किताबें
उपन्यास
अन्य किताबें
✍️ शायर
📖 दीवान
✨ सनाअत
📖 साहित्यिक समीक्षा
🎓 शिक्षा
🛠️ उपकरण
▾
📖 शब्दकोश
🎵 तक़्तीअ
🔤 क़ाफ़िया
⚡ फ़िल बदीहा
🔍 लफ़्ज़ से
⛓ शायरी चेन
✨ विशेष
▾
🏆 हफ़्ते का
💎 उद्धरण
🌅 आज-कल
🎮 खेल
🌸 बच्चों का
👑 सम्मान
यह साइट जनाब
अकबर शेख़
साहब
के सम्मान में बनाई गई है
📖 उनके बारे में
📖 دیوانِ ولی دکنی
حروفِ تہجی کی ترتیب سے مکمل کلام
صفحۂ اوّل
←
دواوین
←
ولی دکنی
ا
ب
پ
ت
ٹ
ث
ج
چ
ح
خ
د
ڈ
ذ
ر
ڑ
ز
ژ
س
ش
ص
ض
ط
ظ
ع
غ
ف
ق
ک
گ
ل
م
ن
ں
و
ہ
ھ
ء
ی
ے
حرف
"ں"
کا کلام (2)
غزل
میں عاشقی میں تب سوں افسانہ ہو رہا ہوں – ولی دکنی کی غزل | خلاصہ اور ادبی جائزہ
میں عاشقی میں تب سوں افسانہ ہو رہا ہوں تیری نگاہ کا جب سوں دیوانہ ہو رہا ہوں ای آشنا کرم س...
غزل
خوب رو خوب کام کرتے ہیں – ولی دکنی کی غزل | خلاصہ اور ادبی جائزہ
خوب رو خوب کام کرتے ہیں یک نگہ میں غلام کرتے ہیں دیکھ خوباں کو وقت ملنے کے کس ادا سوں سلام...
साहित्यिक AI सहायक
● ऑनलाइन
✕
सहायक लिख रहा है...
🎤
←
🍪 यह साइट कुकीज़ का उपयोग करती है।
और जानें
✓ स्वीकार करें
अस्वीकार करें